पाठ्यक्रम: GS2/शासन; कल्याणकारी योजनाएँ
संदर्भ
- प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक समान एवं समावेशी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छात्रों को बिना संपार्श्विक (गिरवी) तथा बिना जमानत शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ ब्याज सहायता भी प्रदान कर रही है।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना
- यह नवंबर 2024 में अनुमोदित केंद्र सरकार की एक योजना है।
- इसका उद्देश्य अधिसूचित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में योग्यता के आधार पर प्रवेश प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बिना संपार्श्विक तथा बिना जमानत शिक्षा ऋण उपलब्ध कराना है।
प्रमुख विशेषताएँ
- बिना संपार्श्विक एवं बिना जमानत शिक्षा ऋण: इस योजना के अंतर्गत देश के अधिसूचित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में योग्यता के आधार पर प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बिना संपार्श्विक एवं बिना जमानत शिक्षा ऋण प्रदान किया जाता है।
- वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 1,425 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है, जिनमें सार्वजनिक एवं निजी दोनों प्रकार के संस्थान सम्मिलित हैं।
- प्रबंधन कोटा, अनिवासी भारतीय कोटा आदि के माध्यम से प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा।
- सरकारी ऋण गारंटी: ₹7.5 लाख तक के शिक्षा ऋण पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत ऋण गारंटी प्रदान की जाती है।
- इससे बैंकों का जोखिम कम होता है तथा विद्यार्थियों के लिए शिक्षा वित्त तक पहुँच आसान बनती है।
- लचीली ऋण सुविधा: योजना के अंतर्गत ऋण राशि की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है।
- ऋण का उपयोग निम्नलिखित व्ययों के लिए किया जा सकता है—
- शिक्षण शुल्क,
- छात्रावास एवं भोजन शुल्क,
- वापसी योग्य तथा अवापसी योग्य संस्थागत शुल्क,
- लैपटॉप,
- अन्य युक्तिसंगत शैक्षिक एवं जीवन-यापन संबंधी व्यय।
- ऋण का उपयोग निम्नलिखित व्ययों के लिए किया जा सकता है—
- रियायती ऋण शर्तें: शिक्षा ऋण पर ब्याज दर बाह्य मानक आधारित ऋण दर + 0.5 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है, जो सामान्य शिक्षा ऋणों की तुलना में कम है।
- पाठ्यक्रम की अवधि तथा उसके पश्चात एक वर्ष की स्थगन अवधि को छोड़कर अधिकतम 15 वर्ष में ऋण का पुनर्भुगतान किया जा सकता है।
- ब्याज सहायता: प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत वार्षिक पारिवारिक आय ₹4.5 लाख तक वाले पात्र विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाती है।
- प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख तक वाले विद्यार्थियों को ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर स्थगन अवधि के दौरान 3 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाती है।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपया अनुप्रयोग
- शिक्षा ऋण स्वीकृत एवं वितरित होने के पश्चात पात्र विद्यार्थी अपनी पारिवारिक आय के आधार पर ब्याज सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- स्वीकृत ब्याज सहायता की राशि लाभार्थी के प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपया अनुप्रयोग में जमा की जाती है तथा उसके बाद शिक्षा ऋण खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।

महत्त्व
- यह योजना गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुँच को सुदृढ़ करती है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 एवं सतत विकास लक्ष्य-4 के उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक है।
- यह एक कुशल, समावेशी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यबल के निर्माण में योगदान देती है।
- योजना के अंतर्गत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन, उसकी प्रगति की निगरानी तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रबंधन हेतु एकीकृत ऑनलाइन मंच उपलब्ध कराया गया है।
- वास्तविक समय आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ती है तथा ऋण स्वीकृति एवं प्रसंस्करण अधिक दक्षतापूर्वक संपन्न होता है।
- यह योजना महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को शिक्षा वित्त तक समान अवसर प्रदान करती है, जिससे उच्च शिक्षा, रोजगार क्षमता तथा कार्यबल में उनकी भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन तथा अन्य सामाजिक समूहों के विद्यार्थियों को इस योजना से लाभ प्राप्त होता है। इससे आर्थिक बाधाएँ कम होती हैं तथा उच्च शिक्षा तक समान एवं न्यायसंगत पहुँच सुनिश्चित होती है।
स्रोत: PIB
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